Kaarak

कारक (परसर्ग-Case)

कारक चिह्नों को ‘परसर्ग’ कहते हैं। ‘कारक’ शब्द संस्कृत की ‘कृ’ धातु में ‘ण्बुल’ प्रत्यय लगाकर बना है। ‘कारक’ शब्द का व्युत्पतिगत अर्थ है- ‘करनेवाला’ या ‘बनानेवाला’। व्याकरण के सन्दर्भ […]

Kaal

काल (Tense)

परिभाषा-“क्रिया के उस रूपान्तर को ‘काल’ कहते हैं, जिसमें क्रिया के व्यापार का समय तथा उसकी पूर्ण या अपूर्ण अवस्था का बोध होता है।” -पण्डित कामता प्रसाद गुरु “क्रिया के […]

Kirya Visheshan

क्रिया-विशेषण (Adverb)

परिभाषा– जो शब्द क्रिया की विशेषता प्रकट करते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं;जैसे-धीरे चलो, कब आये इत्यादि। क्रिया-विशेषण के प्रकार– क्रिया-विशेषण के पाँच प्रकार हैं, जिन्हें हम इस तरह समझ […]

Kriya

क्रिया (Verb)

परिभाषा– क्रिया वह शब्द है, जिससे किसी कार्य का करना या होना पाया जाए। जैसे- अन्वित पढ़ रहा है। उसने पत्र लिखा। कर्णिका चली गयी। कलाधर्मी श्रोतृशाला गये। प्रभंजन खायेगा। […]

Visheshan

विशेषण (Adjective)

परिभाषा– जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे ‘विशेषण’ कहते हैं। जिस व्यक्ति या वस्तु की विशेषता बतायी जाती है, वह ‘विशेष्य’ कहलाता है। दूसरे शब्दों में, […]

Sarvnaam

सर्वनाम (Pronoun)

परिभाषा-संज्ञाओं के बदले जो शब्द आता है, उसे ‘सर्वनाम’ कहते हैं। सर्वनाम का दूसरा नाम ‘सर्व-संज्ञा’ भी है। सर्वनाम का शब्दिक अर्थ है, सभी का नाम–’सर्व-संज्ञा’ अर्थात् सब नामों (संज्ञा) […]

Shabdbhed

हिन्दी शब्द-रूप / शब्द-भेद

हिन्दी हमारी मातृभाषा है, जिसका प्रयोग हम सदैव वार्तालाप और लेखन के समय करते है। संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रिया-विशेषण और कारक (परसर्ग) चिह्नों का, हिन्दी की वाक्य-रचना में प्रयोग […]

Sangya

संज्ञा (Noun)

परिभाषा-किसी व्यक्ति, वस्तु,स्थान और भाव (गुण) के नाम को संज्ञा’ कहते हैं; जैसे- पुस्तक, गाय, भोपाल, पंकज, सुन्दर, मानवता, बचपन, कलम l संज्ञा के भेद– संज्ञा के निम्नलिखित तीन प्रमुख […]

Happiness

जीवन में हमेशा खुश रहने के लिए आखिर कौन से हैं कुछ महत्वपूर्ण मूलमंत्र ? जानें संक्षिप्त में !

हर मनुष्य के जीवन में सुख और दुख दोनों आते हैं लेकिन हम अलग-अलग परिस्थितियों में किस प्रकार से उनका सामना करते हैं वह हमारे ऊपर निर्भर करता है। हर […]