Shabdbhed

हिन्दी शब्द-रूप / शब्द-भेद

हिंदी, हिंदी व्याकरण

हिन्दी हमारी मातृभाषा है, जिसका प्रयोग हम सदैव वार्तालाप और लेखन के समय करते है। संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रिया-विशेषण और कारक (परसर्ग) चिह्नों का, हिन्दी की वाक्य-रचना में प्रयोग किया जाता है। शुद्ध भाषा के लिए आवश्यक है, व्याकरण का ज्ञान होना। अक्षरों के मेल से शब्द निर्मित होते हैं और शब्दों के योग से वाक्यों की रचना होती है। इसीलिए वाक्यों के गठन में सावधानी रखना आवश्यक है। शब्द के दो रूप होते हैं|

१. विकारी शब्द

२. अविकारी शब्द

जिन शब्दों का लिंग, वचन, कारक आदि के कारण रूप-परिवर्तन होता है, उन्हें विकारी-शब्द’ कहते हैं और जिन शब्दों में लिंग, वचन तथा कारक के कारण कोई परिवर्तन न हो, उन्हें ‘अविकारी शब्द’ कहते हैं।जैसे-

संज्ञा– लड़का, लड़की, लड़के, लड़कियाँ आदि

सर्वनाम– उसका, उसकी, उसके, उनकी आदि

क्रिया– पढ़ता, पढ़ती, पढ़ते तथा पढ़ती आदि

विशेषण– अच्छा-अच्छी, अच्छे-अच्छी आदि

इस प्रकार यह स्पष्ट है कि विकारी शब्द संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया हैं क्योंकि उनके रूपों में परिवर्तन होता है।

शब्द-भेद का रेखाचित्र –

 

Sangya
Sarvnaam
Kriya
Kirya Visheshan

Leave a Reply

*

code