गांधी जी और शास्त्री जी के बारे में कुछ अनोखी जानकारी। Interesting facts about Gandhi ji & Shastri ji

भारत

२ अक्टूबर : जयंती विशेष

२ अक्टूबर, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिवस है जो भारत की महान संतान के रूप में याद किये जाते हैं। महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में बचपन से ही स्कूल की किताबों में पढ़ते आ रहे हैं, इसलिए उनके बारे में सामान्य जानकारी सभी को पता है। लेकिन गांधी जी और शास्त्री जी से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं, जिन्हें हर कोई नहीं जानता, लेकिन उन्हें जानना बहुत जरूरी है। आइए, जानते हैं गांधीजी और शास्त्री जी के बारे में कुछ रोचक बातें…

  1. गांधी जी को पांच बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था लेकिन वे कभी नहीं जीते। बाद में नोबेल समिति के सदस्यों ने सार्वजनिक रूप से इस पर दुःख जताया।

  2. महात्मा गांधी को 1930 में टाइम मैगज़ीन के पर्सन ऑफ द ईयर के रूप में नामित किया गया था और टाइम पर्सन ऑफ द सेंचुरी के रनर-अप भी थे।

  3. गांधी जी की शादी मात्र 13 साल की उम्र में हो गई थी लेकिन आप यह नहीं जानते होंगे कि गांधीजी की शादी उनसे एक साल बड़ी कस्तूरबा गांधी से हुई थी, और शादी की प्रथाओं को पूरा करने में उन्हें पूरा एक साल लग गया था और इसी वजह से वह एक साल तक स्कूल नहीं जा पाए।

  4. अपने 40 वर्षों के संघर्ष के दौरान, गांधीजी ने लगभग १ करोड़ शब्द लिखे, यानी हर दिन लगभग 700 शब्द, जिनमे राजनीति से लेकर सामाजिक विवाह, शराबबंदी, अस्पृश्यता, स्वच्छता और राष्ट्र निर्माण जैसे सामाजिक मुद्दे शामिल थे।

  5. अक्सर फोटो में देखा गया कि गांधीजी के दांत नहीं, लेकिन गांधीजी हमेशा अपने साथ एक दांत सेट रखते थे वे इसे खाने के दौरान ही उपयोग करते थे और भोजन के बाद इसे साफ करके कपड़े में लपेटकर रख लेते थे।

  6. गांधी जी और शुक्रवार के साथ उनके कुछ संयोग है जैसे कि शुक्रवार को ही गांधी जी का जन्म हुआ था, शुक्रवार को भारत को आजादी मिली, और शुक्रवार को ही उनकी हत्या कर दी गई।

  7. गांधीजी एक बहुत बड़े फुटबॉल प्रेमी थे, हालांकि उन्होंने कभी फुटबॉल नहीं खेला। गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका के डरबन, प्रिटोरिया और जोहान्सबर्ग में कुल तीन फुटबॉल क्लब स्थापित करने में मदद की थी।


लाल बहादुर शास्त्री भारत की क्रांति के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। इसके अलावा, वह भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने। प्रसिद्ध आदर्श वाक्य “जय जवान, जय किसान” दिया उन्होंने ही दिया था। वह गांधी जी के भाषण से इतना प्रभावित हुए कि वह आजीवन उनके बताये मार्ग पर ही चले। प्रधान मंत्री के रूप में अपने शासनकाल के दौरान, उन्होंने घरेलू, आर्थिक और विदेशी नीतियों से संबंधित कई महान और बड़े कदम उठाए हैं।

  1. लाल बहादुर प्रचलित जाति व्यवस्था के खिलाफ थे और इसलिए उन्होंने अपना उपनाम छोड़ने का फैसला किया था।

  2. लाल बहादुर शास्त्री जी को 1926 में काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय में ‘शास्त्री’ की उपाधि से सम्मानित किया गया था, जो वास्तव में एक डिग्री थी।

  3. शास्त्री जी की माँ ने गंगा में स्नान करने के दौरान उन्हें खो दिया था जब वह सिर्फ 3 महीने के थे ,लेकिन एक चरवाहा जिसके पास कोई बच्चा नहीं था, उसने बच्चे को उसकी मां को वापस कर दिया।

  4. शास्त्री जी ने अपनी शादी में दहेज के रूप में खादी का कपड़ा और चरखा स्वीकार किया था|

  5. उत्तर प्रदेश में पुलिस मंत्री के रूप में, शास्त्री जी पहले व्यक्ति थे जिन्होंने लाठीचार्ज के बजाय भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी के जेट विमानों का इस्तेमाल किया था।

  6. शास्‍त्री जी सादा जीवन में विश्‍वास रखते थे और उन्‍होंने कभी अपने पद का इस्तेमाल अपने परिवार के लाभ के लिए नहीं किया |

  7. जब उनके बेटे को एक विभाग में अनुचित पदोन्नति दी गई , तो शास्त्री जी ने पता लगते ही इस आदेश को निरस्त करवाकर पदोन्नति रोक दी थी।

  8. लाल बहादुर शास्त्री इतने ईमानदार थे कि उन्‍होंने कभी भी प्रधानमंत्री के तौर पर उन्‍हें मिली हुई गाड़ी का निजी काम के लिए इस्‍तेमाल नहीं किया।

  9. शास्त्री जी ने युद्ध के दौरान देशवासियों से अपील की थी कि अन्न संकट से उबरने के लिए सभी देशवासी सप्ताह में एक दिन का व्रत रखें, उनके अपील पर देशवासियों ने सोमवार को व्रत रखना शुरू कर दिया था |

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