भारत के प्रमुख फूल | Most common flowers of India

भारत

भारत जैसे एक विवधताओं से भरा देश है इसी प्रकार यहाँ का वनस्पति जगत भी विविधताओं से परिपूर्ण है | वैसे तो भारत में बहुत प्रकार के फूल देखने मिलते हैं| यहाँ हर राज्य का भी एक राजकीय फूल है | हम यहाँ आपको कुछ प्रसिद्ध फूलों के बारे में जानकारी दे रहे हैं |

कमल

ये फूल भारत का राष्ट्रीय फूल है। कमल के फूल को अध्‍यात्‍म और योग के एक प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है।  प्राचीनकाल से ही इसे भारतीय संस्कृति में शुभ प्रतीक माना जाता है। भारतीय शिल्पकला में इस फूल का बहुत उपयोग हुआ है। यह गुलाबी, नीले और सफ़ेद रंग में पाए जाते हैं। कमल का पौधा रुके हुए पानी या धीमे बहने वाले पानी में उगता है। नीरज, जलज, पद्मा, पंकज,आदि कमल के पर्यायवाची शब्द हैं।

गुलाब

गुलाब दुनिया में सिर्फ सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला फूल है। गुलाब की दुनियाभर में 1000 से अधिक प्रजातियां है। यह फूल सुन्दर होने के साथ ही अच्छी खुशबु भी देता है।  इसके पौधे बहुत ही कांटेदार होते हैं। इसे लोग अपने घरो में तथा बगीचों में एक सजावटी पौधे के रूप में  लगाते हैं। गुलाब के फूलों का प्रयोग विभिन्न प्रकार से सुगन्धित इत्र बनाने के लिए किया जाता है।

मोगरा

मोगरे का फूल अपनी अनोखी खुशुबू के लिए प्रसिद्द है। औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण इसका उपयोग त्वचा और बालों सम्बन्धी उपचार में भी किया जाता है। लोग इसका उपयोग घर और वातावरण को सुगन्धित रखने के लिए करते हैं।

रजनीगंधा

रजनीगंधा एक बहुत सुगंध देने वाला फूल है। इसका उपयोग माला और गुलदस्ता बनाने में होता है।  यह पूरे भारत में पाया जाता है।  भारत में सफ़ेद रंग की प्रजाति पायी जाती है।  इस फूल की बहुत खेती होती है। ऐसा मन जाता है भारत में यह फूल १६वी शताब्दी में यूरोप से आया था। रजनीगंधा के फूलों का, सुगन्धित इत्र और सुगन्धित तेल बनाने में उपयोग किया जाता है।

चंपा

चम्पा के फूल बहुत खूबसूरत, सुगंधित और हल्के सफेद-पीले होते है।  ये फूल अक्सर पूजा में उपयोग किए जाते हैं और सजावट में भी इनका उपयोग होता है। चम्पा में पराग नहीं होता है इसलिए इसके पुष्प पर मधुमक्खियां, भौरा आदि नहीं बैठते हैं। चम्पा को कामदेव के 5 फूलों में गिना जाता है।  चम्पा का वृक्ष वास्तु की दृष्टि से सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। भारत में 5 प्रकार के चंपा के फूल होते हैं – 1. सोन चम्पा, 2. कनक चम्पा, 3  कटहरी चम्पा 4. सुल्तान चम्पा 5. नाग चम्पा।

गेंदा

यह फूल देखने में बहुत आकर्षक होता है। गेंदा, भारत में खेती किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण फूलों में से एक है और सबसे ज्यादा इसके ही फूलों की माला बनाई जाती है।  वर्ष भर खिलने वाला ये फूल पूरे भारत में पाया जाता है। गेंदा फूल में एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं इसलिए आयुर्वेद मे भी इसका उपयोग होता है।

गुडहल

गुडहल के फूल कई रंगों में आते हैं, वे लाल, पीले, सफेद या आड़ू के रंग के हो सकते है। सबसे लोकप्रिय किस्म हिबिस्कस सबदरिफा है। सनातन धर्म में यह फूल बहुत पवित्र मन गया है और पूजा में इसका प्रयोग होता है। इसके पौधे को आयर्वेद में एक औषधि माना गया है और इसके बहुत गुण बताये हैं।

निशागंधी

निशागंधी एक हिंदी शब्द है और इसका अर्थ है रात में खिलने वाला फूल। यह फूल मूलतः अमेरिका का निवासी हैं। इसके पौधे कैक्टस प्रजाति के हैं जो रात में खिलते हैं। फूल बड़े और अनूठे आकार के होते हैं। इन फूलों को पवित्र माना जाता है, लेकिन एक मिथक यह भी है कि फूल रात में सांपों को आकर्षित कर सकते हैं। इसकी अनूठी सुंदरता के लिए इसे ‘द क्वीन ऑफ फ्लावर्स’ भी कहा जाता है। भारत में इसे ब्रह्म कमल के नाम से भी जाना जाता है।

रातरानी

ये फूल केवल रात के समय में ही खिलते है इसलिए इसे रातरानी कहते हैं। इसके छोटे फूल गुच्छे में आते हैं तथा रात में खिलते हैं और सुबह सिकुड़ जाते हैं। यह एक दक्षिण एशिया और वेस्टइंडीज का देश का पौधा है।  जब ये खिलते हैं, तो इत्र की एक गंध छोड़ते हैं जो बहुत अच्छी लगती है।  इसके फूल साल में 4 से 5 बार तक आते हैं।

पारिजात

पारिजात का फूल हिन्दू मान्यताओं में एक बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है। फूल, पवित्र और शुद्धता के प्रतीक माने जाते हैं इसलिए देवताओं को अर्पित किये जाते हैं। पारिजात पेड़ को अत्यंत शुभ और पवित्र वृक्ष की श्रेणी में रखा गया है।  ये फूल केवल रात के समय में ही खिलते है।

पलाश

यह भी एक मूल रूप से एक भारतीय मूल का पेड़ है और यह पूरे देश में मिलता है। इसे टेसू फूल भी कहा जाता है. इसके फूल लाल रंग के होते हैं और इसलिए इस फूल को जंगल का आग भी कहा जाता है।  पलाश की जड़, छाल,तना,पत्ती,पुष्प,फल सभी का आयुर्वेद में उपयोग होता है।

जारूल

जारूल (Pride of India), ये मूलतः भारतीय है, इसे बहुत खूबसूरत फूलों के कारण प्राइड ऑफ इंडिया कहा जाता है। बौद्ध धर्म में जारुल को ज्ञान प्राप्ति के पेड़ माना जाता है। वैसे तो ये विलुप्त होने की कगार पे है। सबसे सुंदर पेड़ों में से एक होने के कारण, यह पेड़ औषधीय रूप से मूल्यवान और आयुर्वेदिक चिकित्सा में भी प्रसिद्ध है।

बिगोनिया

बिगोनिया के फूल साल भर खिलते हैं और भारत में लगभग हर जगह पाए जाते हैं।  इन फूलों की बहुत साड़ी प्रजातियां हैं। इसे प्रायः घर के अंदर ही लगाया जाता है।  इसके फूल सफेद, गुलाबी, लाल या पीले रंग के होते हैं।

कनेर

कनेर एक सदाबहार पौधा है और लगभग पूरे भारत में देखते मिलता है।  एवेटिया पेरुवियाना, पीला ओलियंडर, एवेटेरिया नेरीफ़ोलिया आदि इसके अन्य नाम है। इसके पौधे जहरीले होते हैं लेकिन दवा के रूप में इसका भी प्रयोग होता है। 

कन्द पुष्प

भारत में यह फूल कश्मीर में सबसे अधिक पाया जाता है। ये पहाड़ी इलाके में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है यह फूल पीले , लाल, गुलाबी, सफ़ेद, और बैंगनी रंगों में देखने मिलता है। फूल दिखने में एक कप के जैसा होता है और इसमें 5 – 6 पंखुड़ियां होती है।

कचनार

कचनार का फूल जितना खूबसूरत होता है उतना ही यह सेहत के लिए भी गुणकारी होता है।कचनार तीन रंगों में मिलता है – सफेद, पीला और लाल। यह पेड़ औषधीय रूप से मूल्यवान माना गया है। भारत में कचनार की कलियों की सब्ज़ी भी बनायी जाती है।

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