दालचीनी के स्वास्थ्य लाभ। Amazing Health Benefits of Cinnamon

सेहत

दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय मसालों में से एक Cinnamon अपने विशिष्ट मसालेदार-मीठेपन से  सभी तरह के मीठे और नमकीन व्यंजनों को बनाने में काम आती है। हिंदी में इसे दालचीनी और संस्कृत में ट्वाक के नाम से जाना जाता है। दालचीनी की छड़ी थोड़ी मोटी होती है, यह सूखी और भूरे रंग की होती है। मसाले और औषधि के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली दालचीनी की विशिष्ट खुशबू और मिठास होती है। इसका प्रभाव गर्म होता है।

दालचीनी खाने के फायदे 

1- डायबिटीज और ब्लड शुगर नियंत्रण

दालचीनी  मधुमेह (डायबिटीज) को नियंत्रित करता है। मधुमेह के मरीज अगर दालचीनी को खाते है  तो मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। दालचीनी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स सीरम ग्लूकोज , इंसुलिन को कम करके डायबिटीज के खतरे से बचाव करने में मदद करते हैं।दालचीनी मै एंटीऑक्सिडेंट और एंटीइन्फ्लेमेटरी (सूजन कम करने के ) गुण पाए जाते है। जो स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभकारी होते है।

2-जोड़ो के दर्द में राहत 

जोड़ों में दर्द होने पर दालचीनी का प्रयोग आपको राहत देता है। इसके लिए प्रतिदिन दालचीनी का गर्म पानी में सेवन तो लाभप्रद है ही, इसके अलावा इस हल्के गर्म पानी की दर्द वाले स्थान पर मालिश करने से भी जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।

3-हृदय के लिए दालचीनी के फायदे

दालचीनी  हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय को स्वस्थ रखने का काम करती है। दालचीनी में मौजूद घटक सिनामलडिहाइड (Cinnamaldehyde) और सिनामिक एसिड कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण को प्रदर्शित करते हैं । प्रतिदिन शहद और दालचीनी का गर्म पानी के साथ सेवन करने से काफी लाभ होता है। 

4- कैंसर में दालचीनी के फायदे

दालचीनी, कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करने और उसे फैलने से रोक सकती है।  इसमें कीमोप्रेंटिव गुण होते हैं। शोध के अनुसार दालचीनी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एपोप्टोसिस-इंडयूसिंग (कोशिकाओं को खत्म करने वाली) गतिविधि, एंटी-प्रोलिफेरेटिव (कोशिकाओं को बढ़ने से रोकना वाला) प्रभाव होने से  कैंसर सेल्स के बनने की प्रक्रिया में  योगदान करके उन्हें बढ़ने और बनने से रोक सकते हैं। 

5-पाचन में लाभकारी

दालचीनी खाने के फायदे में पाचन और पेट स्वास्थ्य भी शामिल है। इसमें एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो पाचन तंत्र व पेट में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया से लड़ने का काम कर सकते हैं। यह गुण खाद्य पदार्थों में लिस्टेरिया और एस्चेरिचिया कोली (Escherichia Coli) जैसे बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है।

6-मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए 

दालचीनी का सेवन याददाश्त को बढ़ने में मदद करता  है। साथ ही इससे जल्दी सीखने की क्षमता में भी वृद्धि भी होती है। यह दालचीनी का सेवन करने से उत्पादित होने वाले सोडिम बेंजोएट की वजह से होता है । शोध में यह भी पता चला है की यह अल्जाइमर रोग की वजह से दिमाग में होने वाले परिवर्तन को भी नियंत्रित कर सकता है ।इसके अलावा, दालचीनी, पार्किंसंस रोग के जोखिम से बचाव में कुछ हद तक मददगार हो सकता है।

7-ओरल हैल्थ

दालचीनी ओरोफेशियल कंडीशन को भी नियंत्रित कर सकती है। यह एक ऐसा दर्द होता है, जो मुंह, जबड़ा और चेहरे को प्रभावित करता है।  दालचीनी के तेल में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण भी मुंह को बैक्टीरिया से बचाने का काम करते हैं ।

8-ब्रोंकाइटिस (Bronchitis)

ब्रोंकाइटिस, श्वसन संबंधी एक रोग है। ब्रोंकाइटिस रोग से फेफड़ों के अंदर  सांस नली में सूजन और इंफेक्शन हो जाता है। इस बीमारी में सांस लेने में तकलीफ और सीने में जलन जैसी समस्याएं होती हैं। इस परेशानी से बचने के लिए भी दालचीनी का उपयोग किया जा सकता है। दालचीनी के तेल और इसकी भाप, दोनों ही न्यूमोनिया के बैक्टीरिया से लड़ने में असरदार पाए गए हैं। इसी वजह से ब्रोंकाइटिस से बचाव में दालचीनी बहुत उपयोगी हो सकती है। 

9-मोटापा एवं वजन नियंत्रण

दालचीनी वजन नियंत्रण भी करती है। खाने में दालचीनी का सेवन करने से कुछ हद तक  यह समस्या कम हो सकती है। दालचीनी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स (Polyphenols), एक प्रकार का एंटी-ऑक्सीडेंट है, जो इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर करता है। इंसुलिन खून में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है, लेकिन जब शरीर सही मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता, तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप मोटापा, डायबिटीज और अन्य कई बीमारियों का खतरा हो जाता है। एक शोध के मुताबिक, जिन महिलाओं में पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि रोग (Polycystic Ovarian Disease) हैं, उनके लिए दालचीनी इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) को कम कर वजन को नियंत्रित कर सकती है।, दालचीनी का एंटी-ओबेसिटी प्रभाव होता है।

10- फंगल इंफेक्शन

दालचीनी  फंगल इंफेक्शन को भी कम करती है। दालचीनी में एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो फंगल संक्रमण से शरीर को बचाने व इससे संबंधित लक्षणों को कम कर सकते हैं  दालचीनी के तेल में पाया जाना वाला एंटी-फंगल प्रभाव कैंडिडा अल्बिकन्स, कैंडिडा ट्रॉपिकल और कैंडिडा क्रूसि से लड़ने में मदद कर सकता है ।दालचीनी में मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण चर्म रोग से व्यक्ति को बचा सकता है। दालचीनी के एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पिंपल और दाग-धब्बों को कम कर सकते हैं।

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